Dehradun….. छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ पर अचानक राहुल गांधी ने काफिला रोक लिया। यहां पेडों के कटान के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों की पीड़ा सुनी। पर्यावरण प्रेमी पिछले 11 दिनों से धरना दे रहे हैं। राहुल ने पर्यावरण प्रेमियों की बात प्रमुखता से उठाने की बात कही।
एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित लगभग 4000 पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमी पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने राहुल गांधी का काफिला रुकवाकर उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत कराया।
सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया भावुक हो गईं और रोते हुए राहुल गांधी को बताया कि आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रशासन लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल लोगों को परेशान किया जा रहा है, बच्चों तक को हिरासत में लिया जा रहा है और आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
शालू भाटिया ने कहा, “सर, हम बहुत बेबस हो चुके हैं। पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। स्कूल के बच्चों तक को उठा लिया जाता है और आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।”
राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों की पूरी बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस विषय पर हरसंभव सहायता की जाएगी। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी आंदोलनकारियों के संपर्क में रहने और उन्हें हरसंभव सहयोग देने के निर्देश देने की बात कही।
राहुल गांधी के समर्थन से आंदोलनकारियों में नया उत्साह देखने को मिला। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल पेड़ों को बचाने की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित पर्यावरण की है।
