Headlines

दून मेडिकल के छात्र बोले अंगदान महादान

Dehradun….. राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल स्तर से लेकर मेडिकल कॉलेज तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। छात्रों को अंगदान के महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में जानकारी दी गई, वहीं एमबीबीएस और पैरामेडिकल छात्रों के बीच पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ।कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) नया गांव पेलियो के अंतर्गत जनता राजकीय इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. ऋचा सिन्हा ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति का अंगदान आठ लोगों तक का जीवन बचा सकता है और कई अन्य लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बना सकता है। उन्होंने छात्रों से अंगदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में पीजी रेजीडेंट डॉ. कीर्तिका और डॉ. ध्रुवी ने अंगदान के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीवित व्यक्ति किन अंगों का दान कर सकता है और मृत्यु के बाद किन अंगों व ऊतकों का दान कर जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है। मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर महादेव गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) और राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) देश और प्रदेश में अंगदान तथा प्रत्यारोपण की प्रक्रिया का समन्वय करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में करीब 20 हजार लोगों को अंग प्रत्यारोपण से नया जीवन मिला, जबकि लगभग 90 हजार मरीज अब भी प्रतीक्षा सूची में हैं। इस अंतर का सबसे बड़ा कारण अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी है। उन्होंने छात्रों से अपने परिवार और समाज तक अंगदान का संदेश पहुंचाने की अपील की।राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में एमबीबीएस और पैरामेडिकल छात्रों के बीच पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। छात्रों ने अंगदान के महत्व पर रचनात्मक और संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। एसओटीटीओ के नोडल अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने उत्कृष्ट पोस्टर बनाने वाले छात्रों को सम्मानित किया।कार्यक्रम में डॉ. सुमित कुमार सिंह, मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर रमेश चंद्र, राजेश कुमार, उमा गोसाई, इंटर्न्स और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें:   दिव्यांग और बुजुर्गों के एसआइआर नोटिस का घर जाकर होगा निस्तारण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *