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नियम कानून तोड़ने पर परिवहन विभाग ने की कार्रवाई Dehradun….सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान में वाहन चालकों की मनमानी पर जमकर कार्रवाई हुई। 21 से 23 अगस्त तक चले अभियान में देहरादून संभाग में 2209 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 157 वाहन बंद किए गए। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर निर्धारित पार्किंग स्थलों के बजाय सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों से लेकर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर प्रवर्तन टीमों ने शिकंजा कसा। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में 40 टीमों ने अभियान चलाया। कार्रवाई में सबसे अधिक ओवरस्पीडिंग के 347 मामले पकड़े गए। इसके अलावा 239 बिना हेलमेट, 194 ओवरलोडिंग और 183 सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़े करने के मामले सामने आए। मालवाहक वाहनों से माल बाहर निकालकर ले जाने के 112 मामलों में भी चालान किया गया। नशे में वाहन चलाने वाले 11 चालक भी कार्रवाई की जद में आए। हरिद्वार में सबसे ज्यादा चालान, रुड़की में सर्वाधिक वाहन बंद हरिद्वार में 531 चालान और 36 वाहन बंद किए गए। रुड़की में 492 चालान के साथ 41 वाहन बंद किए गए। ऋषिकेश में 442 चालान और 15 वाहन, देहरादून में 418 चालान और 38 वाहन बंद किए गए। टिहरी में 116 चालान व चार वाहन तथा उत्तरकाशी में 47 चालान व सात वाहन बंद किए गए। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों ने संभाला मोर्चा देहरादून में एआरटीओ प्रवर्तन रत्नाकर सिंह, ऋषिकेश में रश्मि पंत, विकासनगर में अनिल नेगी, हरिद्वार में नेहा झा, रुड़की में कृष्ण चंद्र पलाड़िया, टिहरी में ज्योतिशंकर मिश्रा और उत्तरकाशी में सुवर्णा के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। भारी, मध्यम व हल्के मालवाहक वाहनों के साथ यात्री वाहनों की भी जांच की गई। आरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क किनारे गलत पार्किंग, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए। विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है। वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन केवल सुरक्षित व निर्धारित स्थान पर खड़ा करने की अपील की गई है।

परत दर परत खुलते जा रहे गुप्ता बंधुओं के राज, दक्षिण अफ्रीका में भी वांछित

Ruchi negi.. गुप्ता बंधुओं के परत दर परत राज खुलते जा रहे हैं। देहरादून में बिल्डर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गुप्ता बंधुओं को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शनिवार को दक्षिण अफ्रीका ने भी गुप्ता बंधुओं को लेकर बयान जारी किया है। दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि वह भारतीय मूल के कारोबारी गुप्ता परिवार के दो भाइयों की गिरफ्तारी संबंधी खबर के मद्देनजर भारत सरकार से संपर्क करेगा। गुप्ता बंधुओं में एक सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों से अरबों रुपये की लूट में कथित भूमिका के लिए यहां वांछित है।

भारतीय मूल के परिवार के अतुल, अजय और राजेश गुप्ता पर पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने करीबी संबंधों के जरिए दक्षिण अफ्रीका में अरबों रेंड (दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा) की हेराफेरी करने का आरोप है। जैकब जुमा के 2018 में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद  तीनों परिवार के साथ दुबई भाग गये थे।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 2023 में राजेश और अतुल के प्रत्यर्पण के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। दोनों भाइयों ने आइटी, मीडिया और खनन क्षेत्र में एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया था। गौरतलब है कि एक बिल्डर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अनिल और अजय गुप्ता को शनिवार को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। बिल्डर ने अपने बहुमंजिला अपार्टमेंट भवन की छत से कूदने से पहले अपने ‘सुसाइड नोट’ में गुप्ता बंधुओं का नाम लिया था। इस बारे में अनिश्चितता की स्थिति है कि क्या यह वही अजय गुप्ता है, जो अपने भाइयों अतुल और राजेश के साथ दक्षिण अफ्रीका से भाग गया था और जो दक्षिण अफ्रीका की वांछित सूची में शामिल है।

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