Chamoli….. जागर गायिका डा. पम्मी नवल को भारतीय दलित साहित्य अकादमी उत्तराखंड सम्मान से नवाजा गया। यह पुरस्कार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, भारतीय दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. जयपाल सिंह, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन के महासचिव डा. देवेंद्र सिंह, जिला सहकारी बैंक चमोली के महाप्रबंधक सूर्यप्रकाश सिंह, एससी-एसटी-ओबीसी वैचारिक महासभा उत्तराखंड से संस्थापक अध्यक्ष दिलीप चंद्र के हाथों दिया गया।

दरअसल, डा. पम्मी नवल जागर के लिए मशहूर है। राज्य एवं देश में सांस्कृतिक मंच पर उन्होंने अपनी आवाज का दर्शकों को दीवाना बना दिया। उनका मुख्य उद्देशीय विलुप्त होती जागर संस्कृति को बचाना है। वह स्कूली छात्र-छात्राओं को भी संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रही है। उनकी पहचान हूराणी को दिना जागर से हुई।आज भी यह जागर शादी विवाह, धार्मिक अनुष्ठान में प्रमुखता से सुना जाता है। जागर की खासबात है कि महिलाओं पर देवता तक अवतारित हो जाता है। जागर को लयबद्ध किया गया है। म्यूजिक कंपोजिशन से लेकर फिल्मांकन बेहतर प्रदर्शन किया गया है। इसके अलावा वह नृसिंह, भैरव जागर गा चुकी हैं।
