Dehradun….मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा डबल इंजन सरकार जनजातीय समुदाय को मजबूत करने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय कला, संस्कृति को मजबूती से पहचान दिलाने का काम किया है। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। जिन्होंने जनजातीय समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। कहा पहले की सरकारों ने समुदाय को अंधेरे में रखने का काम किया है। अब सरकार समुदाय का उत्थान कर रही है। प्रदेश में थारू, बोक्सा, राजी, भोटिया, जौनसारी जनजाती के छात्रों को निश्शुल्क स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक को मजबूत किया जा रहा है।

शनिवार को रेंजर्स ग्राउंड में भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआइ) उत्तराखंड की ओर से तीन दिवसीय जनजातीय महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। धामी ने कहा जनजातीय महोत्सव में आने पर खुद को गौरांवित महसूस करता हूं। भगवान बिरसा मुंडा ने समाज के लिए अनेक उत्कृष्ट कार्य किए हैं। सभी को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। कहा सरकार ने जनजातीय महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए तीन गुना बजट बढ़ाया है। जनजातीय क्षेत्र के 128 गांवों का चयन कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार प्रमुख रहेंगे। जनजातीय क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल में निश्शुल्क शिक्षा एवं रहने के लिए निश्शुल्क छात्रावास उपलब्ध कराए गए हैं। 16 राजकीय आश्रम पद्विति एवं तीन आइटीआइ कालेज खोले गए हैं। इसके अलावा प्रतियोगिता परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए निश्शुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कहा जनजातीय समुदाय के कार्यक्रम विधिवत संचालित हो सके। इसके लिए एक करोड़ की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है। जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार एवं संस्कृति संवर्धन के लिए 50 लाख की वार्षिक सहायता राशि दी जा रही है। कहा प्रधानमंत्री ने आदिवासी समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प लिया है। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य नरेशन बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राजपुर विधायक खजान दास, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, कैंट विधायक सविता कपूर, बागेश्वर विधायक पार्वती दास आदि मौजूद रहे।
लोक गायकों के गीतों पर जमकर थिरके दर्शक
जनजातीय महोत्सव सांस्कृतिक संध्या की शाम उत्तराखंडी लोक गायकों के नाम रही। सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने जै बदरी केदारनाथ की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके उन्होंने फ्यूंली बोलू के बुरांस बोलूं, सुरता की दौंई, देहरादून वाला हूं, स्वर्गतारा जुन्याली रात, मैकु एकी चुमकी बस, हिमवंत देश होला, डांडू क्या फुल फुलाला की प्रस्तुति से मन मोहा। देर रात तक उनकी प्रस्तुति की सूची लंबी होती गई। वहीं किशन महिपाल ने फ्यूंलड़िया, जिया कोरी कोरी, घुघुती, ओ जिया की प्रस्तुति पर दर्शकों को थिरकाने पर मजबूर किया। इसी क्रम में जौनसारी गायक अज्जु तोमर ने गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक जमकर झूमें। वहीं नीती घाटी के भोटिया जनजाति की टीम ने पौणा नृत्य की प्रस्तुति दी। पिथौरागढ़, उड़ीसा, नागालैंड, झारखंड, मेघालय, छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देकर जमकर तालियां बटोरी।
पहाड़ी उत्पादों की जमकर की खरीदारी
जनजातीय महोत्सव में लगे स्टाल में पहाड़ी उत्पादों की ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। ऊनी कोट, टोपी, पहाड़ी दाल के स्टालों पर भीड़ उमड़ी रही। महोत्सव के पहले दिन तकरीबन दो लाख का कारोबार हुआ। अभी महोत्वस के दो दिन स्टाल कारोबारियों के लिए बाकी है।
