Dehradun…. वीआइपी नंबर दूनवासियों का स्टेट सिंबल बन चुका है। लेकिन पिछले चार वर्ष से एक के बाद एक रिकार्ड तोड़ रहा 0001 वीआइपी नंबर इस बार ढाई लाख की बोली में सिमट गया। शनिवार को 0007 नंबर सात लाख रुपये में बिका। यह नंबर पंकज मलिक नाम के व्यक्ति ने लिया।
परिवहन विभाग ने (यूके-07एचएफ) 28 एवं (यूके-07 एचई) एक वीआइपी नंबरों की बोली लगाई थी। दूसरे नंबर पर इस बार 0005 की 6 लाख 73 हजार में बिका। यह वीआइपी नंबर शिवम निशाद नाम के व्यक्ति ने लिया। तीसरा स्थान 0001 नंबर रहा, जो ढाई लाख में बिका। चौथे नंबर पर 1111 रहा, जो दो लाख 31 हजार में बिका। पांचवें नंबर पर 0003 रहा, जो दो लाख में बिका। इसके अलावा 0007 (यूके-07 एचई) नंबर एक लाख 23 हजार में बिका, 0002 नंबर एक लाख 20 हजार रुपये, 0008 नंबर 70 हजार रूपये, 9999 नंबर 63 हजार रुपये, 9000 नंबर 60 हजार रुपये, 4444 नंबर 57 हजार रूपये, 7777 नंबर 52 हजार रुपये, 0999 नंबर 45 हजार रुपये, 7000 नंबर 35 हजार रुपये, 0077 नंबर 31 हजार रुपये, 3333 नंबर 30 हजार रुपये, 0009 नंबर 27 हजार, 0004 एवं 8888 नंबर 26 हजार, 0006, 5555,6666 नंबर 25 हजार रुपये, 0099 नंबर 21 हजार रुपये, 0066 नंबर 12 हजार रुपये, 0011, 0100, 0101,7070 नंबर 11 हजार रुपये, 0022 नंबर 10 हजार में बिका। आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया जो नंबर सबसे ज्यादा बोली में बिका है। उसकी न्यूनतम धनराशि 25 हजार से शुरू की गई थी। जिन वाहन स्वामियों के लिए नंबर आवंटित किए गए हैं। उनको दो दिन के भीतर धनराशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय पर धनराशि जमा न करने पर उस नंबर को अगली बोली में शामिल किया जाएगा। बताया धनराशि वाहन स्वामियों को आनलाइन जमा करनी होगी।
खत्म हुआ 0786 का क्रेज
दून में गाड़ी पर 0786 नंबर लेने का क्रेज अब खत्म होता जा रहा है। इसकी न्यूनतम कीमत भी एक लाख रुपये है। लेकिन इस बार इस नंबर की बोली लगाने में कोई भी वाहन स्वामी ने रुचि नहीं दिखाई। इस शनिवार को 25 हजार से शुरू की गई बोली में 0007 नंबर शीर्ष पर रहा।
